झारखंड के ब्रांड
यह झारखंड सरकार द्वारा शुरू किए गए चार प्रमुख ब्रांडों का एक व्यापक विश्लेषण है, जिनका उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का लाभ उठाकर ग्रामीण और जनजातीय कारीगरों, विशेष रूप से महिलाओं को सशक्त बनाना है। ये ब्रांड - झारक्राफ्ट, पलाश, कुसुम और आदिवा - पारंपरिक कौशल को संरक्षित करने, स्थायी आजीविका प्रदान करने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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12/20/20251 min read
झारखंड के प्रमुख सरकारी ब्रांड: एक संक्षिप्त अवलोकन
यह झारखंड सरकार द्वारा शुरू किए गए चार प्रमुख ब्रांडों का एक विश्लेषण है, जिनका उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का लाभ उठाकर ग्रामीण और जनजातीय कारीगरों, विशेष रूप से महिलाओं को सशक्त बनाना है। ये ब्रांड - झारक्राफ्ट, पलाश, कुसुम और आदिवा - पारंपरिक कौशल को संरक्षित करने, स्थायी आजीविका प्रदान करने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करते हैं।
झारक्राफ्ट टसर रेशम और पारंपरिक हस्तशिल्प पर केंद्रित है, जिसने झारखंड को प्रमाणित जैविक टसर रेशम के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित किया है।
पलाश एक छत्र ब्रांड के रूप में कार्य करता है जो महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा बनाए गए विविध उत्पादों को एकीकृत करता है, जिससे उनकी बाजार पहुंच और लाभप्रदता बढ़ती है।
कुसुम मुख्य रूप से लाख उद्योग और विभिन्न अन्य हस्तशिल्प और वन उत्पादों को बढ़ावा देता है, जो लुप्त हो रही कलाओं को पुनर्जीवित करता है।
आदिवा, पलाश के तहत एक उप-ब्रांड, विशेष रूप से जनजातीय आभूषणों पर ध्यान केंद्रित करता है, जो स्वदेशी शिल्प कौशल को संरक्षित और बढ़ावा देता है।
सामूहिक रूप से, ये पहलें झारखंड के ग्रामीण अर्थशास्त्र को बदलने, हजारों कारीगरों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता पैदा करने और राज्य की अनूठी सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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1. झारक्राफ्ट: रेशम और हस्तशिल्प में झारखंड का गौरव
झारखंड सिल्क टेक्सटाइल एंड हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (झारक्राफ्ट) झारखंड सरकार का एक प्रमुख उद्यम है, जिसे 2006 में उद्योग विभाग के तहत स्थापित किया गया था। यह राज्य में टसर रेशम, हथकरघा और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने, विकसित करने और विपणन के लिए समर्पित प्राथमिक संगठन है।
प्रमुख तथ्य:
टसर रेशम उत्पादन: झारखंड भारत के 70% से अधिक टसर (जंगली) रेशम का उत्पादन करता है।
वैश्विक विशिष्टता: यह दुनिया में प्रमाणित जैविक टसर रेशम का एकमात्र आपूर्तिकर्ता है।
हितधारक: झारक्राफ्ट हजारों ग्रामीण कारीगरों, रीलरों, स्पिनरों और बुनकरों (ज्यादातर महिलाएं और जनजातीय समुदाय) के साथ सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सीधे काम करता है।
मुख्य उद्देश्य
पतनशील पारंपरिक शिल्पों को पुनर्जीवित और संरक्षित करना।
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्थायी आजीविका प्रदान करना।
कारीगरों के लिए उचित मूल्य निर्धारण और सीधी बाजार पहुंच सुनिश्चित करना।
पारिस्थितिकी-अनुकूल, वन-आधारित रेशम पालन को बढ़ावा देना।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के लिए पारंपरिक सौंदर्यशास्त्र को बनाए रखते हुए आधुनिक डिजाइन विकसित करना।
उत्पाद श्रेणियाँ
तसर रेशम उत्पाद
शुद्ध तसर साड़ियां (सादी, मुद्रित, कढ़ाई वाली), टसर स्टोल, स्कार्फ, दुपट्टे, डिजाइनर टसर कपड़े, रेडी-टू-वियर परिधान (कुर्ते, शर्ट, कपड़े), और घरेलू सामान (बेड कवर, कुशन, पर्दे)।
हथकरघा वस्त्र
सूती और मिश्रित हथकरघा साड़ियां, ड्रेस सामग्री और कपड़े।
हस्तशिल्प
ढोकरा (लॉस्ट-वैक्स मेटल कास्टिंग) कलाकृतियाँ, बांस और बेंत के उत्पाद (टोकरियाँ, लैंपशेड), टेराकोटा मिट्टी के बर्तन, जनजातीय चित्रकला (सोहराई, पैतकर शैली), और लकड़ी की नक्काशी।
बिक्री माध्यम और प्रभाव
भौतिक स्टोर: रांची (बिरसा मुंडा हवाई अड्डे सहित), देवघर, हजारीबाग और दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में झारक्राफ्ट एम्पोरियम/शोरूम।
ऑनलाइन बिक्री: आधिकारिक वेबसाइट (jharcraft.in), अमेज़ॅन, फ्लिपकार्ट और GeM पोर्टल के माध्यम से बिक्री।
प्रभाव:
50,000 से अधिक कारीगरों को सीधे सशक्त बनाता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और जापान सहित देशों को निर्यात करता है।
हस्तशिल्प और ग्रामीण विकास में उत्कृष्टता के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
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2. पलाश: ग्रामीण महिला उद्यमियों का ब्रांड
पलाश, जिसका नाम झारखंड के राजकीय फूल (ब्यूटिया मोनोस्पर्मा) के नाम पर रखा गया है, एक प्रमुख छत्र ब्रांड है। इसे 29 सितंबर, 2020 को झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के तहत झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (JSLPS) द्वारा लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के उत्पादों को एक ब्रांड के तहत लाना है ताकि वे बड़े बाजारों तक पहुंच सकें।
लक्ष्य और कार्यप्रणाली
मूल्य श्रृंखला प्रबंधन: पलाश उत्पादन, एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की पूरी मूल्य श्रृंखला को कवर करता है, जिसका स्वामित्व SHG महिलाओं और उनके संस्थानों (जैसे उत्पादक समूह - PGs, FPOs) के पास है।
आर्थिक सशक्तिकरण: यह ग्रामीण महिलाओं को बिचौलियों के बिना सीधे बाजार तक पहुंचने और बेहतर लाभ मार्जिन अर्जित करने की शक्ति देता है।
रोजगार सृजन: वर्तमान में, लगभग 2 लाख SHG सदस्य विभिन्न पलाश गतिविधियों के माध्यम से कमाई कर रहे हैं, और 5,000 से अधिक ग्रामीण महिलाएं सीधे पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन केंद्रों में काम कर रही हैं।
उत्पाद श्रृंखला और बाजार पहुंच
लोकप्रिय उत्पाद: साबुन, सरसों का तेल, चावल, अरहर दाल, बाजरा का आटा, शहद, जीरा फूल चावल, अचार, बांस के हस्तशिल्प, मास्क, चॉकलेट, और रागी/ज्वार/महुआ लड्डू आदि।
बाजार में उपस्थिति: वर्तमान में 30 से अधिक उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं।
वितरण नेटवर्क: विभिन्न जिलों में 46 पलाश मार्ट्स और कई डिस्प्ले काउंटरों का एक विशेष नेटवर्क।
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3. कुसुम: लाख और हस्तशिल्प परंपराओं का संरक्षक
कुसुम एक सरकार द्वारा प्रवर्तित ब्रांड है जिसे 2014 में झारखंड राज्य सहकारी लाख विपणन और अधिप्राप्ति संघ लिमिटेड (JASCOLAMPF) की एक पहल के रूप में लॉन्च किया गया था। JASCOLAMPF की स्थापना 1963 में जनजातीय क्षेत्रों में लाख उद्योग के विकास के लिए की गई थी।
उद्देश्य और पहुंच
कारीगर मंच: कुसुम झारखंड के हस्तशिल्प और हस्तशिल्प कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
कला का संरक्षण: ब्रांड राज्य की लुप्त हो रही कलाओं और उन अपरिचित चेहरों को पहचान दिलाने में सफल रहा है जो अद्भुत कलाकृतियाँ बनाते हैं।
ऑनलाइन विस्तार: कारीगरों के व्यापक कल्याण के लिए अमेज़ॅन और GeM आदि के माध्यम से ऑनलाइन शोरूम लाकर अपनी पहुंच का विस्तार किया है।
उत्पाद श्रेणियाँ
कुसुम एम्पोरियम में उपलब्ध उत्पादों की विविध श्रृंखला में शामिल हैं:
लाख हस्तशिल्प
बटन लाख और लाख सीलिंग स्टिक
बांस और लकड़ी के शिल्प
जूट हस्तशिल्प
ढोकरा / सिरेमिक / पीतल के बर्तन / लोहार का काम
टेराकोटा
हस्तनिर्मित आभूषण
हथकरघा
शहद / इमली केक / चिरौंजी के बीज और अन्य मूल्य वर्धित वन उत्पाद
हस्तनिर्मित अगरबत्ती / सुगंधित मोमबत्तियाँ / हस्तनिर्मित साबुन
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4. आदिवा: झारखंड की जनजातीय विरासत का उत्सव
आदिवा ("आदिवासी" से व्युत्पन्न) पलाश छत्र के तहत एक सरकार द्वारा शुरू किया गया उप-ब्रांड है, जिसे 2 नवंबर, 2021 को JSLPS द्वारा लॉन्च किया गया था। यह ब्रांड विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (सखी मंडल) की ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित जनजातीय आभूषणों पर केंद्रित है।
मुख्य उद्देश्य
स्थायी आजीविका प्रदान करके महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
झारखंड की समृद्ध स्वदेशी शिल्प परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देना।
पारंपरिक कारीगरों (मुख्य रूप से खूंटी, दुमका और संथाल परगना जैसे जिलों से) को बड़े बाजारों से जोड़ना।
उत्पाद और प्रभाव
उत्पाद: आदिवा आभूषणों में चांदी, पीतल, लोहा और अन्य धातुओं का उपयोग करके प्रामाणिक जनजातीय डिजाइन होते हैं। लोकप्रिय वस्तुओं में हार, झुमके, चूड़ियाँ और कंगन शामिल हैं।
मान्यता: ब्रांड ने राष्ट्रीय मेलों (जैसे भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला, सरस आजीविका मेला) में महत्वपूर्ण बिक्री और पहचान के साथ लोकप्रियता हासिल की है।
लाभार्थी: विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की 150 से अधिक महिलाएं सीधे तौर पर लाभान्वित होती हैं।
निष्कर्ष: झारखंड सरकार के ब्रांड – विरासत और आजीविका को सशक्त बनाना
झारखंड सरकार ने अपनी समृद्ध आदिवासी और ग्रामीण विरासत को संरक्षित करने तथा सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्रांड्स का एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है:
झारक्राफ्ट (Jharcraft) राज्य का प्रमुख ब्रांड है, जो प्रीमियम टसर सिल्क कपड़ों और विविध हस्तशिल्पों (जैसे धोक्रा धातु कारीगरी, बांस उत्पाद) के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह हजारों कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ता है और पर्यावरण-अनुकूल वन-आधारित रेशम उत्पादन को बढ़ावा देता है।
पालाश (Palash) महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHG) का छत्र ब्रांड है, जो प्राकृतिक खाद्य उत्पाद (शहद, सरसों का तेल, अचार, मसाले) और गैर-खाद्य वस्तुएं (साबुन, सैनिटाइजर) प्रदान करता है। इसका सब-ब्रांड अदीवा (Adiva) आदिवासी आभूषणों में विशेषज्ञता रखता है, जो स्वदेशी डिजाइनों का जश्न मनाता है।
कुसुम (Kusum) लाख-आधारित हस्तशिल्प, आभूषण और संबद्ध आदिवासी शिल्पों पर केंद्रित है, जो सहकारी समितियों के माध्यम से पारंपरिक कौशलों को पुनर्जीवित करता है और कारीगरों को उचित आजीविका प्रदान करता है।
ये ब्रांड (झारक्राफ्ट, पालाश/अदीवा और कुसुम) मिलकर झारखंड की निम्नलिखित प्रतिबद्धताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं:
स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण।
आदिवासी कला रूपों और लघु वन उत्पादों का संरक्षण।
सतत ग्रामीण विकास और गरीबी उन्मूलन।
राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित करना।
रांची में पालाश मार्ट्स और झारक्राफ्ट एम्पोरियम से लेकर अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन उपलब्धता तक – ये ब्रांड झारखंड के असली हस्तनिर्मित उत्पादों को सभी के लिए सुलभ बनाते हैं।
इनका समर्थन करने का अर्थ है हजारों ग्रामीण एवं आदिवासी परिवारों का समर्थन करना, प्राचीन शिल्पों को संरक्षित करना और हरियाली एवं समानता वाले भविष्य में योगदान देना।
झारखंड के ये ब्रांड केवल उत्पाद नहीं हैं – ये हर साड़ी, आभूषण और शहद के जार में बुनी हुई संकल्प, परंपरा और सशक्तिकरण की कहानियां हैं।
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