नीति आयोग का इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026: झारखंड विश्लेषण
'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने की दिशा में नीति आयोग ने पहली बार इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 जारी किया है, जिसमें 17 प्रमुख/बड़े राज्यों का मूल्यांकन किया गया।
RAJESH KUMAR GUPTA
7/20/20261 min read
टॉप रैंकिंग
गुजरात ने 56.6 के सर्वोच्च स्कोर के साथ बड़े राज्यों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया, इसके बाद महाराष्ट्र (53.7) और तमिलनाडु (53.3) का स्थान रहा।
NITI Aayog Investment Friendliness Index (IFI) 2026 — States Analysis
रिपोर्ट का ढांचा
28 राज्य + 8 केंद्र शासित प्रदेश (कुल 36) का मूल्यांकन
8 पिलर, 84 इंडिकेटर
1,850+ निवेशकों का सर्वे और 165 stakeholders से इनपुट
3 categories: Large states (17), Hilly/North-Eastern states, UTs/City states
टॉप परफॉर्मर (Score 50+ हासिल करने वाले 5 राज्य)
रैंक राज्य स्कोर खासियत
1 गुजरात 56.6 इंफ्रास्ट्रक्चर व फाइनेंशियल हेल्थ में उत्कृष्ट; तेज़ पोर्ट टर्नअराउंड, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति
2 महाराष्ट्र 53.7 देश में सबसे ज्यादा PE/VC निवेश हिस्सेदारी; सबसे बड़ा Atal Tinkering Labs नेटवर्क (Business climate स्कोर 9.4)
3 तमिलनाडु 53.3
4 ओडिशा 52.4
5 गोवा 50+ UT/City states श्रेणी में टॉप
खास बात: कोई भी राज्य 60 अंक के पार नहीं पहुंच सका — यानी सर्वश्रेष्ठ राज्य भी "आदर्श" निवेश माहौल से दूर है।
अन्य श्रेणी विजेता
Hilly/North-Eastern states: उत्तराखंड टॉप पर
UT/City states: गोवा टॉप पर
नीचे के राज्य (बड़े राज्यों में)
रैंक राज्य स्कोर
16 झारखंड 41.3
17 बिहार 41.2
पश्चिम बंगाल का स्कोर भी 41.3 (झारखंड जितना) रहा, फिर भी उसे झारखंड से ऊपर रखा गया।
NITI Aayog का रुख (महत्वपूर्ण)
Vice Chairman अशोक कुमार लाहिड़ी ने स्पष्ट किया कि यह विशुद्ध रैंकिंग/प्रतियोगिता exercise नहीं है — इसका मकसद है राज्यों को दिखाना कि वे कहां अच्छा कर रहे हैं और कहां सुधार जरूरी है, ताकि peer learning (एक-दूसरे से सीखना) हो सके। उदाहरण: केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा से सीखने योग्य अच्छी प्रैक्टिस मौजूद हैं।
झारखंड विश्लेषण मुख्य आंकड़े पैरामीटर मान कुल रैंक
25/36 (सभी राज्य/UT में)
स्कोर 41.3
श्रेणी रैंक 16/17 (बड़े राज्यों में)
क्षेत्रफल 79,716 वर्ग किमी
प्रति व्यक्ति GSDP ₹86,416
कृषि (GVA हिस्सा, FY23) 5.3%
उद्योग (GVA हिस्सा, FY23) 44.7%
सेवा (GVA हिस्सा, FY23) 50.0%
FDI इनफ्लो (FY24) $0.06 मिलियन
प्रमुख उद्योग बेसिक मेटल्स, कोक, रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद
Data Score (65 में से) 22.6
Survey Score (35 में से) 18.7
8 पिलर में प्रदर्शन (राज्य की सापेक्ष स्थिति)
Financial health: 81% — सबसे मजबूत पिलर
Environment resilience: 68%
Institutional environment: 63%
Regulatory ease: 54%
Infrastructure: 39%
Resources: 36%
Government policy: 26%
Business climate: 22% — सबसे कमजोर पिलर
झारखंड — 8 पिलर में स्थिति (प्रदर्शन %)
क्रम पिलर प्रदर्शन स्थिति
1 Financial health 81% ✅ सबसे मजबूत
2 Environment resilience 68% अच्छा
3 Institutional environment 63% अच्छा
4 Regulatory ease 54% औसत
5 Infrastructure 39% कमजोर
6 Resources 36% कमजोर
7 Government policy 26% बहुत कमजोर
8 Business climate 22% ❌ सबसे कमजोर
Resources पिलर में झारखंड का स्कोर सिर्फ 36% है — जो 8 पिलर में सबसे कमजोर पिलरों में से एक है (Business climate 22% और Government policy 26% के बाद)।
लेकिन दस्तावेज़ में यह भी लिखा है:
कोयला और लिग्नाइट उत्पादन में झारखंड की राष्ट्रीय हिस्सेदारी 18.4% है — जो 3rd rank है
धात्विक खनिज उत्पादन (मूल्य के अनुसार) में 5% राष्ट्रीय हिस्सेदारी — जो 5th rank है
विरोधाभास क्यों?
यह जरूरी नहीं कि खनिज संपदा ही पूरे "Resources" पिलर को परिभाषित करे। दस्तावेज़ में सिर्फ इन 2 indicators (कोयला/लिग्नाइट और धात्विक खनिज) का जिक्र सकारात्मक factors के रूप में किया गया है, लेकिन Resources पिलर में और भी कई indicators शामिल होने की संभावना है, जैसे:
वन संसाधन (forest resources)
भूमि उपलब्धता (land availability/land bank)
जल संसाधन (water resources)
नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (renewable energy potential)
मानव संसाधन/कौशल आधार (human resources/skill base)
नोट
ये आंकड़े percentage performance दर्शाते हैं (chart में पिलर औसत और best state के dotted markers के सापेक्ष), exact rank नंबर (जैसे 5th/17) नहीं
केवल 2 specific rank दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से दिए गए हैं:
Resources पिलर के भीतर: कोयला/लिग्नाइट उत्पादन में 3rd rank, धात्विक खनिज उत्पादन (मूल्य) में 5th rank
FDI इनफ्लो (Business climate का हिस्सा): 17 बड़े राज्यों में 14th rank
प्रमुख ताकतें (Key Enablers)
प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता — देश के कुल कोयला व लिग्नाइट उत्पादन में झारखंड की हिस्सेदारी 18.4% (FY24 में तीसरा स्थान); धात्विक खनिज उत्पादन (मूल्य के अनुसार) में 5% हिस्सेदारी (5वां स्थान)
सुदृढ़ वित्तीय स्थिति — ब्याज भुगतान GSDP का सिर्फ 2.4% (श्रेणी औसत 3.1% से कम); सकल राजकोषीय घाटा GSDP का 4% (श्रेणी औसत से 1.7% कम, पर 15वें वित्त आयोग की सीमा से थोड़ा ऊपर)
सुधार क्षेत्र (Areas Needing Improvement)
बिजनेस क्लाइमेट सबसे कमजोर कड़ी
FDI इनफ्लो — 17 बड़े राज्यों में 14वां स्थान (बेहद कम निवेश आकर्षण)
जमीनी फीडबैक (Voices from the Ground)
ताकत: टाटा ग्रुप द्वारा रखरखाव की गई इंट्रा-सिटी सड़कें अच्छी स्थिति में हैं
कमजोरी: NHAI व राज्य सरकार की सड़कों में सुधार की जरूरत; ग्रामीण/उपनगरीय इलाकों में मोबाइल नेटवर्क कवरेज कमजोर, कई जगह BSNL ही एकमात्र भरोसेमंद सेवा प्रदाता — टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा अंतर
निष्कर्ष
रिपोर्ट का सार यह है: झारखंड के पास संसाधन हैं, पर उन्हें निवेश में बदलने वाला माहौल नहीं — यानी संसाधन-समृद्ध लेकिन नीति व कारोबारी माहौल में कमजोर राज्य का क्लासिक उदाहरण।
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